lovebet 2 गोल्स दे वेंटजा

lovebet 2 गोल्स दे वेंटजा

time:2021-10-23 13:32:06 वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश चार गुना बढ़ा Views:4591

ई खेल के नाम lovebet 2 गोल्स दे वेंटजा 188bet कंबोडिया,casumo भुगतान नहीं कर रहा है,leovegas,lovebet दी डोंग,lovebet मालिक,lovebet.f,एयू फुटबॉल स्कोर,बैकारेट घोस्ट,पैसे के साथ बैकारेट,बेटिंग राजा अभिनेता का नाम,कैसीनो के दिन ५० मुफ्त स्पिन,कैसीनो योंकर्स,कॉम.क्रिकेट.लाइव लाइन,क्रिकेट का शोर,ईस्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म,फंतासी फुटबॉल लॉटरी विचार,फुटबॉल स्कोर भविष्यवाणी विधि,जीएच फुटबॉल समाचार,विदेशी जुआ साइटों से कैसे संपर्क करें,आईपीएल तालिका बिंदु 2021,जेसी होगन क्रिकेट किताब,लाइव कैसीनो संपर्क नंबर,लॉटरी 7 स्टार,लूडो बोर्ड,नई क्रिकेट किताब 2020,ऑनलाइन फुटबॉल सट्टेबाजी मंच,ऑनलाइन पोकर रैंकिंग,पैरिमैच नो डिपॉजिट बोनस,पोकर लिंक अल्टरनेटिफ़,रील स्लॉट्स यू ट्यूब,नियम परेतो,रम्मी-0 नियम,स्लॉट मशीन क्वांटो पैगानो,स्पोर्ट्स औक्स पुसेस,स्पोर्ट्सबुक पीएनजी,टेक्सास होल्डम रेगोले,त्रिकोणीय पोकर ऑनलाइन,सबसे मजबूत बैकारेट वेबसाइट कहां है,यूट्यूब शतरंज,ऑनलाइन गेम्स प्ले,क्रिकेट meaning in english,गोवा थाना,तीन पत्ती का,बकरा जिबह करने की दुआ,बेताब मूवी सनी देओल,वह फुटबॉल खेलता है in english, .वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश चार गुना बढ़ा

लगातार दूसरा वित्त वर्ष रहा जब गोल्ड ईटीएफ में निवेश हुआ. इससे पहले 2013-14 से गोल्ड ईटीएफ से लगातार निकासी देखने को मिली थी.
नई दिल्ली: जोखिम बढ़ने और कोविड-19 महामारी के बीच अनिश्चितता के चलते निवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.

यह लगातार दूसरा वित्त वर्ष रहा जब गोल्ड ईटीएफ में निवेश हुआ. इससे पहले 2013-14 से गोल्ड ईटीएफ से लगातार निकासी देखने को मिली थी. म्यूचुअल फंडों की संस्था एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है.

इसे भी पढ़ें: किसे सता रहा अमेरिका में महंगाई बढ़ने का डर?

माईवेल्थग्रोथ डॉट कॉम के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला ने कहा कि इस बात की संभावना काफी कम है कि चालू वित्त वर्ष में भी गोल्ड ईटीएफ में निवेश का यह ट्रेंड जारी रहे. हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर ने बाजार को डरा दिया है.

एम्फी के आंकड़ों के अनुसार हाल में समाप्त वित्त वर्ष में निवेशकों ने गोल्ड से जुड़े 14 ईटीएफ में शुद्ध रूप से 6,919 करोड़ रुपये का निवेश किया. यह 2019-20 में हुए 1,614 करोड़ रुपये के निवेश का चार गुना है.

इससे पहले 2018-19 में गोल्ड ईटीएफ से शुद्ध रूप से 412 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी. 2017-18 में गोल्ड ईटीएफ से 835 करोड़ रुपये, 2016-17 में 775 करोड़ रुपये, 2015-16 में 903 करोड़ रुपये, 2014-15 में 1,475 करोड़ रुपये और 2013-14 में 2,293 करोड़ रुपये निकाले गए थे.

इसे भी पढ़ें: विदेशी निवेशकों ने अप्रैल में भारतीय बाजार से निकाले 929 करोड़ रुपये

हालांकि, साल 2012-13 के दौरान इस सेगमेंट में 1,414 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था. बीते कुछ सालों से रिटेल निवेशकों ने बेहतर रिटर्न की चाहत में गोल्ड ईटीएफ की तुलना में इक्विटी बाजार में अधिक पैसा डाला है.

क्वांटम म्यूचुअल फंड के सीनियर फंड मैनेजर (ऑल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट) चिराग मेहता ने कहा, "अधिक जोखिम और कोरोना वायरस के चलते बढ़ी अस्थिरता का असर इक्विटी जैसे जोखिम भरे एसेट्स को प्रभावित करेंगी. निवेशकों की दिलचस्पी गोल्ड जैसे सुरक्षित एसेट्स में बढ़ सकती है."




हिंदी में पर्सनल फाइनेंस और शेयर बाजार के नियमित अपडेट्स के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज. इस पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.

टॉपिक

गोल्ड ईटीएफक्वांटम म्यूचुअल फंडएम्फीशेयर बाजारईटीएफएक्सचेंज ट्रेडेड फंडमाईवेल्थग्रोथ डॉट कॉमकोरोना वायरस

ETPrime stories of the day

Havildar Tom Cruise? A case diary of Indian cops’ craze for artificial intelligence in policing
Artificial intelligence

Havildar Tom Cruise? A case diary of Indian cops’ craze for artificial intelligence in policing

11 mins read
Smarter, better, and now more affordable: AI is becoming omnipresent as it steps up its game
Artificial intelligence

Smarter, better, and now more affordable: AI is becoming omnipresent as it steps up its game

15 mins read
MedPlus has scale, Wellness Forever scores in product mix. Which IPO will get more investor love?
Investing

MedPlus has scale, Wellness Forever scores in product mix. Which IPO will get more investor love?

10 mins read

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि खुदरा प्याज की कीमतें ‘असाधारण रूप से ऊंची’ नहीं हैं, जिससे इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की जरुरत हो। उन्होंने कहा कि कीमतों को कम करने के लिए बफर स्टॉक जारी किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों की राय है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में तेज वृद्धि की कोई संभावना नहीं है क्योंकि घरेलू खरीफ प्याज का उत्पादन 2021-22 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में कहीं अधिक यानी 43.88 लाख टन होने का अनुमान है जो एक साल पहले की समान अवधि में 37.38शेयरों में निवेश से जुड़े जोखिम के अलावा इंटरनेशनल फंड में निवेश से करेंसी का जोखिम भी जुड़ा होता है. दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले रुपये में कमजोरी और मजबूती का असर आपके रिटर्न पर पड़ता है.वित्तीय लक्ष्‍यों तक जल्दी पहुंचने के लिए इक्विटी या डेट फंड में से किसमें निवेश करें?

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिडेट (आरआईएल) ने शुक्रवार को बताया कि सभी कारोबारों के अच्छे प्रदर्शन के चलते चालू वित्त वर्ष 2021-22 की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 43 फीसदी बढ़ गया। कंपनी ने एक बयान में बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ एक साल पहले के 9,567 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 13,680 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह कंपनी ने प्रति शेयर 20.88 रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया, जो एक साल पहले प्रति शेयर 14.84 रुपये था। आरआईएल ने कहा कि सितंबर तिमाही में उसकी आयनयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) भारतीय उद्योग जगत ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का 'बेहद सफल' कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम आर्थिक वृद्धि को गति दे सकता है और नए भारत के सपने को साकार करने में मदद कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक दी गई खुराक की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंचने की उपलब्धि की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत का टीकाकरण अभियान ‘विज्ञान-जनित, विज्ञान-संचालित और विज्ञान-आधारित’ है।फोनपे ने मोबाइल रिचार्ज के लिए यूपीआई से भुगतान पर प्रसंस्करण शुल्क लेना शुरू किया

(हेडिंग और इंट्रो में लाभ प्रतिशत 43 प्रतिशत करते हुए रिपीट) नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिडेट (आरआईएल) ने शुक्रवार को बताया कि सभी कारोबारों के अच्छे प्रदर्शन के चलते चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 43 प्रतिशत बढ़ गया। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ एक साल पहले के 9,567 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 13,680 करोड़ रुपये हो गया। आरआईएल ने कहा कि सितंबर तिमाही में आय बढ़कर 1,78,328 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधिब्‍याज दरों में कटौती का फैसला वापस होने के बाद एक सामान्‍य धारणा बनी. वह यह थी कि चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया.लगातार अच्‍छा रिटर्न चाहते है? इस फंड में लगा सकते हैं पैसा

पूरा पाठ विस्तारित करें
संबंधित लेख
ट्राई शतरंज ऑनलाइन

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.

10cric टोल फ्री नंबर

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.

lovebet ट्रस्टपायलट

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि खुदरा प्याज की कीमतें ‘असाधारण रूप से ऊंची’ नहीं हैं, जिससे इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की जरुरत हो। उन्होंने कहा कि कीमतों को कम करने के लिए बफर स्टॉक जारी किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों की राय है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में तेज वृद्धि की कोई संभावना नहीं है क्योंकि घरेलू खरीफ प्याज का उत्पादन 2021-22 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में कहीं अधिक यानी 43.88 लाख टन होने का अनुमान है जो एक साल पहले की समान अवधि में 37.38

क्रिकेट पोशाक

हम सीनियर सिटीजन के लिए निवेश के पांच ऐसे विकल्प बता रहे हैं जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर अच्छी नियमित आय आती रहे.

एई बैकारेट

Reliance Industries Q2 Result: चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में रिलायंस का शुद्ध लाभ 74 फीसदी बढ़ गया। दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ एक साल पहले के 9,567 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 13,680 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर तिमाही में आय बढ़कर 1,78,328 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 1,20,444 करोड़ रुपये थी।

संबंधित जानकारी
गरम जानकारी